प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा कैसे ले जाने क्या है उपस्थिति का नियम best update 2026

पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से लेने के लिए सर्वप्रथम आपको कई सारी नियमों का पालन उनके आदेशानुसार और नित्य दैनिक पूजा पाठ एवं शुद्ध सात्विक भोजन की भी कई नियमों का पालन करना होता है अगर आप इन सभी शर्तों और नियमों को पालन कर सकते है तो आइए हम स्टेप बाई स्टेप आपको दीक्षा से जुड़ी सारी जानकारियां देते हैं

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दीक्षा से पहले जरुरी नियम अवं भोजन से संभंधित नियम 

सर्वप्रथम आपको पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा से कई दिन और कई महीने पहले से शाकाहारी होना अति आवश्यक है ।। आपको दीक्षा लेने के लिए सर्वप्रथम महराज जी की आश्रम केलि कुंज पे 1 दिन पहले पहुंच जाये जिस दिन आपको दीक्षा की प्रथम उपस्थिति लगानी हो उस दिन आप सुबह 3 बजे उठकर स्नान करके आप सुबह 4 बजे से दीक्षा की उपस्थिति के लिए लाइन में लग जाए ।। आप कोशिश करे कि जितना सुबह जल्दी हो उतना ही जल्द आप केली कुंज पहुंच जाएं क्योंकि अगर आप देर पहुंचते है तो आपको लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है ।।

लाइन में लगने के बाद सुबह 5 बजे से दीक्षा की उपस्थिति लगना शुरू हो जाती है। आप शांति बनाए रखे और राधा रानी और गुरुदेव का ध्यान करते रहे। आपकी बारी आने पे आपसे कुछ जरूरी डिटेल्स जैसे कि आपका नाम आप कहां से आये है आपकी कॉन्टैक्ट डिटेल्स आपसे पूछे जाएंगे ।। इसके बाद आपको दीक्षा से जुड़ी सारी नियमों और पूजा पाठ करने की सारी विधि बता दी जाएगी ।।

दीक्षा का टोकन कब मिलता है और क्यों उसे संभाल कर रखते है सभी

प्रेमानंद जी महराज से

 

आप अगर पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा की सारी नियम और शर्ते मंजूर करते हैं तो फिर आपको आश्रम की तरफ से 1 कार्ड बनाकर दिया जाएगा।। जिसपे आपकी डिटेल्स और आपकी पहली उपस्थिति की तारीख एवं दूसरी उपस्थिति कब कब लगेगी सारी जानकारी उसमें लिखा रहता है ।

पहली उपस्थिति लगने की तीन महीने बाद आप अपनी दूसरी उपस्थिति लगवा सकते है लेकिन दूसरी उपस्थिति की नियमों पहली उपस्थिति से ज्यादा कठिन रहता है इसमें आपको यू समझिए कि एक तरह की परीक्षाएं पास करनी होती है ।

दूसरी उपस्तिथि में कौन सा मौखिक टेस्ट पास करना जरूरी होता है 

: जब आप दूसरी उपस्थित लगाने के लिए केली कुंज जाते हैं तब आपको एक मौखिक टेस्ट पास करना बहुत जरूरी होता है उसके बाद ही आपकी दूसरी उपस्थित लगेगी इस टेस्ट में आपसे आश्रम की तरफ से बैठे  दीक्षा उपस्थिति के लिए जिन्हें सेवा में लगाया जाता है वह सेवादार आपसे कुछ प्रश्न पूछेंगे यह प्रश्न आपको जो नित्य पाठ करने के लिए एवं पूजा करने के लिए बताया गया था उसी में से रहते हैं

पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा  उपस्थिति में किस प्रकार के प्रश्न पूछते हैं


पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा उपस्थिति के मौखिक टेस्ट में आपसे जो प्रश्न पूछे जाते हैं वह जैसे की हित 84 जी में से आपको नित्य  रोज जो 12 पद करने होते हैं यानी कि एक सप्ताह में पूरे 84 पद आपको कंप्लीट करने होते हैं और आप जब पूरे 3 महीना नियम पूर्वक या पाठ करते हैं तो इसमें से कुछ पद आपको याद होना बहुत जरूरी होता है इसी में से आपसे कुछ पद सुनने को कहा जाएगा इसलिए जब भी आप दूसरी उपस्थित लगाने जाए तो कम से कम शुरू के पहले से लेकर 10 पद तक जरूर याद करके ही जाए

यदि आप पद नहीं सुना  पाते हैं तो आपकी उपस्थिति नहीं लगेगी आपको और ज्यादा अच्छे से नियम करके आने को बोला जाएगा इसके साथ-साथ आपको नित्य पाठ रासोपना, आरती, राधा सुधा निधि  इन सब में से भी कुछ पद सुनाने  को बोल सकते हैं तो आप जो 3 महीने नित्य रोज यह पाठ किया इसे याद करके जरूर जाए

दीक्षा की दूसरी  उपस्थित लगने के बाद तीसरी उपस्थिति में क्या सब होता है


 जिस प्रकार दूसरी उपस्थिति के दिन आपसे नित्य पूजा पाठ एवं नियम वाली पुस्तकों में से कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं ठीक इसी प्रकार तीसरी उपस्थिति में भी आपसे कुछ आगे की प्रश्न पूछे जाएंगे जैसे की प्रथम उपस्थिति में आपको हित  84 जी के एक से लेकर 12 पद के बीच का ही सुनते हैं लेकिन तीसरी उपस्थिति में हो सकता है तो फिर हित 84 जी के 12 ,13 पद से 25 26 वे  पद तक में से भी सुन सकते हैं एवं बाकी चीज जैसे की नित्य पाठ रसोपना  में से दूसरी उपस्थिति में एक या दो लाइन सुनाने  को बोलेंगे लेकिन तीसरी उपस्थिति में यह आपको ज्यादा भी पूछ सकते हैं

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पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा की प्रथम उपस्थित लगने के बाद क्या सब खरीदना पड़ता है

 जब आप केलि कुंज  पर पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा के लिए प्रथम उपस्थित लगते  हैं तब आपको एक टोकन दिया जाता है उसे टोकन के पीछे जरूरी सारी चीज लिखी  रहती है जैसे की आपको पहनने के लिए कंठी माला  नाम जाप करने के लिए माला झोली एवं बाकी पाठ करने की  पुस्तक

यह सब पूरा सेट आपको केलि कुंज के  गेट पर दुकानदार को  दीक्षा सेट देने को बोलेंगे तब आपको वह कंठी  माला ,,माला झोली एवं सभी पुस्तक निकाल कर देंगे जिसकी टोटल कीमत  ₹800 होता है सारी पुस्तक एवं माला झोली  एवं कंठी माला  लेने के बाद आप कंठी  माला एवं माला झोली  का प्रसाद करना ना भूले


 कंठी माला और माला झोली श्री जी से प्रसाद कैसे कराया जाता है

प्रेमानंद जी महराज से


 जब आप पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा की प्रथम टोकन मिलने के बाद अपने लिए पहनने के लिए कंठी  माला एवं नाम जाप करने के लिए माला और झोली  लेते हैं तब आप कंठी माला और माला झोली को केलि कुंज के बाहर स्थित  काउंटर पर प्रसाद करने के लिए जमा कर देते हैं तब वहां पर स्थित सेवक आपकी यह कंठी माला और माला झोली लेकर अंदर जाते हैं और श्रीजी के पास रखकर श्री जी को छुआ कर आपकी कंठी माला और माला झोली  को पवित्र करके प्रसाद रूप में बना देते हैं और आपको बाहर यह  उसी  काउंटर पर से वापस मिल जाएगा

 

पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा लेने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है


: जब आप पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा लेने के लिए आते हैं तब आपको प्रथम उपस्थिति से लेकर फाइनल दीक्षा तक आश्रम की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई भी राशि की मांग नहीं की जाती है

 

पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज से  फाइनल दीक्षा मिलने के बाद आपका पुनर्जन्म होता है


 जब आपको पूज्य श्री प्रेमानंद जी महराज से  दीक्षा मिल जाती है तब आप यह समझे कि आपका इस भक्ति  मार्ग में पुनः  जन्म होता है यह तिथि सभी साधक याद रखते हैं एवं अपनी नव जन्म उत्सव की तरह हर साल इस तिथि  पर विशेष पूजा कर गुरुदेव को ध्यान कर प्रसाद चढ़कर मानते  हैं प्रेमानंद जी महराज से दीक्षा  मिल जाने के बाद आप हरिवंशी कहलाते हैं जो की कोई साधारण उपाधि नहीं है हरवंशी का मतलब है कि हम श्री हरिवंश महाप्रभु के उपासक हो जाते हैं

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