राजेंद्र दास जी की कथा कहां शुरू होने वाली है एवं कथा कब से शुरू होगी ? पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज की अगली कथा 29 अक्टूबर से शुरू होगी
सुर श्याम गौशाला में राजेंद्र दास जी की कथा शुरू हो रही है
सूर श्याम गौशाला गोवर्धन में होने जा रही है कथा अवं रास लीला । पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज जिनको अभी के समय में करोड़ों लोग सुनते हैं आज हम आपको इनकी आगामी कथा जो आज 29 अक्टूबर से शुरू हुई है अवं 5 नवंबर तक चलेगी इसके बारे में बहुत ही विस्तार से बताएंगे कि कैसे आप उनकी कथा श्रवण करेंगे । यदि आप वृंदावन गोवर्धन या ब्रज से आते हैं तो कैसे पहुंचे
पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज जो की विश्व स्तर पर कथावाचक है जिनको सुनने एवं देखने के लिए लोग इंतजार करते रहते हैं आज श्री पूज्य महाराज जी का कथा गोवर्धन में सुर श्याम गोपाल गौशाला में शुरू हुई है यदि आप यहां नहीं पहुंच सकते हैं तो आप यह कथा एवं रास लीला टीवी एवं यूट्यूब चैनल पर सुन एवं देख सकते है
आज 29 अक्टूबर को पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज की कथा की पहले दिन की जानकारी
आज 29 अक्टूबर को महाराज जी की कथा में सर्वप्रथम गौ आराधना महोत्सव मनाया गया इस उत्सव पर आज से 5 नवंबर तक नित्य श्री रासलीला की प्रस्तुति हो रही है जिसका की आज पहले दिन पर रास के पहले प्रसंग का प्रस्तुति हुई एवं तत्पश्चात पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज की कथा संध्या काल से शुरू होगी
सुर श्याम गौशाला कहाँ पर स्थित है इनके बारे में पूरी जानकारी
सुर श्याम गौशाला जो की ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध गौशालाओं में से एक है यह गौशाला उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र के अंदर गोवर्धन धाम से मात्र दो से ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इस गौशाला की स्थापना आज से 37 साल पहले 1989 ईस्वी में हुई थी यह सुर श्याम गौशाला परसौली नामक जगह जो की गोवर्धन से 2 किलोमीटर की दूर है वही पर स्थित है इस गौशाला की मूल अधिकार एवं इसकी देखरेख की पुरी जिम्मेदारियां एवं संरक्षण हेतु इस सुर श्याम गौशाला का अध्यक्ष मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्र दास जी महाराज है
बीमार एवं बूढ़े गौ माता की सेवा इस सुर श्याम गौशाला में विशेष रूप से की जाती है
जो गौ माता दूध नहीं दे सकती या फिर जो गौ माता बीमार हो चुकी है या फिर जो चल फिर ना सकती है ऐसे गौ माता के लिए यह सुर श्याम गौशाला सेवा के लिए हमेशा तैयार रहती है इस गौशाला का मुख्य उद्देश्य यह भी रहता है कि गाय माता का गोद लेना मतलब की कहीं भी इस क्षेत्र में कोई असहाय बीमार या बूढ़े गौ माता किसी सड़क किनारे या फिर किसी कॉलोनी में ऐसी परी हो उसको यह सुर श्याम गौशाला गोद लेती है एवं आजीवन उसकी सेवा करती है जिसकी निगरानी समय समय पर श्री राजेंद्र दास जी महाराज एवं उनकी टीम करती रहती है
: विश्व स्तर पर विख्यात श्रीराम शर्मा जी की रासलीला प्रोग्राम
परसोली गोवर्धन में सुर श्याम गौशाला में अभी 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होने वाली रासलीला का प्रोग्राम विश्व स्तर पर विख्यात वृंदावन के श्री राम शर्मा जी के पुत्र कुञ्ज बिहारी शर्मा जी के निर्देशन में हो रही है श्रीराम शर्मा जी को वृंदावन में रासाचार्य के रूप में जाने जाते हैं

श्रीराम शर्मा जी की रासलीला जो की पूर्णता शास्त्र एवं शास्त्रीय मर्यादा को ध्यान में रखते हुए एवं श्री कृष्ण से जुड़ी हुई और रास से जुड़ी हुई सिर्फ सही चीज ही प्रस्तुत करने के लिए विशेष प्रसिद्ध है श्री राम शर्मा जी के बेटे कुञ्ज बिहारी शर्मा जी एवं उनके टीमों के द्वारा भारत के कोने-कोने में आए दिन रासलीला का आयोजन करते रहते हैं
चंद्र सरोवर जब शरद पूर्णिमा के दिन चांद रास की लीलाओं में इतने लीन हो गए कि वहां रुक गए

कहा जाता है कि परसौली स्थित सरोवर के ऊपर से जब चांद गुजर रहे थे तो शरद पूर्णिमा पर हो रहे महा रास को देखकर चांद वहीं पर ठहर गया इसलिए इस सरोवर को चंद्र सरोवर के नाम से भी जाना जाता है यह स्थान महाकवि सूरदास जी महाराज की तप स्थली के लिए भी जाने जाते हैं
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महाकवि सूरदास जी महाराज जो की परसोली चंद्र सरोवर से नित्य रोज श्रीनाथ मंदिर जाते थे
सूरदास जी महराज नित्य रोज पारसोली से गोवर्धन श्रीनाथ मंदिर में पद सुनाने जाया करते थे सूरदास जी महाराज कि जब जीवन लीला समाप्त हो रही थी तब वह गोवर्धन से श्री राधा रानी को अंतिम पद सुनाएं और वही गोवर्धन की छत्रछाया में अपने जीवन लीला समाप्त किये थे ।
राजेंद्र दास जी महराज कहाँ के महंत है
पूज्य राजेंद्र दास जी महराज जो की कथा वाचक के साथ साथ भारत के सबसे बड़े विरक्त संतो में से एक है । यही नहीं पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महराज अपने गुरु एवं संत जानो के आदेश से बहुत ही कम उम्र यानि की युवावस्था से ही श्री मलूक पीठ जोकि सुदामा कुटी के पास स्थित है उनके महंत भी है । पूज्य राजेंद्र दास जी महराज जब भी वृन्दावन में रहते है तब ये मलूक पीठ पे कथा सत्संग करते ही है एवं पूज्य महराज जी की दर्शन भी मलूक पीठ पे होती है
राम शर्मा जी की रासलीला करवाने के लिए बुकिंग कैसे करे
श्री राम शर्मा जी के निकुंज गमन के बाद यह रास मण्डली उनके बेटे कुञ्ज बिहारी शर्मा जी संभाल रहे है । आप इनसे फ़ोन के माध्यम से बात करके जानकारी ले सकते है । रास बुक करने से पहले आप इन्हे स्पष्ट रूप से अपना पूरा अड्रेस दे अवं वहां पहुंचने अवं वहां से आने की सुविधा की बात कर ले , इसके साथ ही रास में जाने वाले सभी कलाकारों के खाने रुकने की अच्छी व्यवस्था के बारे में स्पष्ट करे
, इनका रास लीला बुक करने के लिए आपको 2 से 3 महीने पहले संपर्क करने होते है ककी अत्यधिक डिमांड होने के वजह से आपको पहले से ही बुक करके रखना होगा , आप इनसे इनके चल रही लेटेस्ट कथा के माध्यम से भी जुड़ सकते है या फिर आप इनके निजी पते श्री धाम वृन्दावन में आकर इनसे मिलकर ही रास लीला बुक करे ।
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