वृंदावन की परिक्रमा करना एक बहुत ही सुंदर विचार है संत जनों का मानना है कि अगर आप वृंदावन आए हैं और आप अगर वृंदावन की परिक्रमा नहीं लगाई तो आपका वृंदावन आना व्यर्थ है और यदि आप वृंदावन आए हैं और सिर्फ परिक्रमा लगा लिए हैं तो आपको सभी मंदिरों के दर्शनों का का फल मिले

आईए जानते हैं कि वृंदावन की परिक्रमा कहां से शुरू की जाती है कितने समय लगती है और कितने किलोमीटर की यात्रा होती है
आपकी जानकारी के लिए बता दें की वृंदावन की परिक्रमा लगभग 12 किलोमीटर की है. यदि आप परिक्रमा लगाना चाहते हैं तो सर्वप्रथम आप शुद्ध होकर स्नान ध्यान करके परिक्रमा लगाने के लिए परिक्रमा मार्ग पर आ जाए परिक्रमा लगाने के लिए एवं परिक्रमा शुरू करने के लिए कोई निश्चित स्थान एवं कोई निर्धारित समय नहीं होती है आप वृंदावन की परिक्रमा किसी भी समय लगा सकते हैं वृंदावन की परिक्रमा आप परिक्रमा मार्ग पर किसी भी स्थान से शुरू कर सकते हैं बस शर्त यह है कि आपकी परिक्रमा पुनः उसी स्थान पर आकर समाप्त होगी.
आइये परिक्रमा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण ध्यान रखने योग्य बातें आपको बताता हूं
वृंदावन की परिक्रमा लगाते समय आप कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें सर्वप्रथम परिक्रमा लगाने के दिन आपका भोजन पवित्र होना चाहिए एवं आप पवित्र स्नान करके आप परिक्रमा शुरू करें यदि संभव हो तो मंत्र जाप करने के लिए आप अपने नाम जाप माला या नाम जप काउंटर अवश्य साथ रखें ज्यादातर कोशिश करें कि परिक्रमा लगाते समय आप ज्यादातर मौन रहे और मन ही मन मंत्र जाप करते रहे परिक्रमा आप बिना चप्पल जूता पहने नंगे पैर ही लगाएं परिक्रमा करते समय आप अपना ध्यान बस बिहारी जी पर रखे एवं राधा नाम का जाप करते हुए आगे बढ़ते रहे.

: वृंदावन की परिक्रमा लगाते समय आपको अनेक मंदिर एवं आश्रम में स्थित ठाकुर जी की छवि के दर्शन होगी एवं परिक्रमा लगाते समय आपको कई सिद्ध संतों एवं महात्माओं के दर्शन होंगे परिक्रमा लगाते वक्त कई संत महात्मा आपके साथ साथ परिक्रमा लगा रहे होते हैं तो कृपया आप उन्हें रोकने एवं जबरदस्ती उन्हें प्रणाम आदि करने का प्रयास न करें आप मन ही मन उन्हें प्रणाम कर ले वृंदावन की परिक्रमा लगाते समय रास्ते में आपको यमुना जी की दर्शन होगी

जैसे की युगल घाट चीर घाट एवं kc घाट मिलेंगे जहां परिक्रमा मार्ग और यमुना जी साथ-साथ है. यमुना जी के पास परिक्रमा लगाते समय पहुंचने पर आप कुछ समय निकालकर यमुना जी पर एक माला जाप जरूर करें एवं संभव हो तो यमुना अष्टकम का पाठ जरूर करें
यमुना अष्टकम का पाठ करने से पहले आप यमुना जी से यमुना जल लेकर आचमन जरूर करें आचमन करने के कुछ नियम होते हैं सर्वप्रथम आप यमुना जल को तीन बार अपने हाथों से लेकर यमुना जल जरूर पिए उसके बाद यमुना जी को प्रणाम करके यमुना जल अपने शरीर पर जरूर छीटें उसके बाद आप यमुना जी की तरफ बैठकर यमुना अष्टकम का पाठ करें एवं संभव हो तो एक माला नाम जप करें अगर आपकी दीक्षा हो गयी है तो आप यमुना जी के पास बैठ कर अपने गुरु मंत्र का जाप जरूर करे
कुछ सेवाएं है जो आप वृंदावन की परिक्रमा लगाते समय अवश्य करें जिससे कि आपको परिक्रमा लगाने का फल दोगुना मिलेगा
: वृंदावन की परिक्रमा लगाते समय आप अनेक प्रकार की सेवाएं कर सकते हैं जिसमें से की बंदर सेवा गौ सेवा एवं कई लाचार एवं कई बीमार व्यक्ति परिक्रमा मार्ग पर होते हैं जिन्हें आप₹10 से मदद करें आई इसके बारे में विस्तृत में बताते हैं
यदि आप बंदर सेवा करना चाहते हैं तो आप दो-तीन प्रकार से सेवा कर सकते हैं जैसे की आप बिस्किट का पैकेट पास में रख ले एवं परिक्रमा लगाते समय रास्ते में जो बंदर दिखे आप उन्हें दो-तीन बिस्किट डालते जाए आप एक बात का ध्यान रखें कि आप कोई भी चीज हाथ में रखकर बंदर को देने का प्रयास न करें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है एवं आप चाहे तो केला खरीद कर बंदर को एक-एक केला देते चले परिक्रमा मार्ग पर हर थोड़ी देर दूर पर केले वाले छोटे-छोटे ठेले पर केला लेकर बेचते रहते हैं आप उनसे केला लेकर यह सेवा कर सकते हैं
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यदि आप गौ सेवा करना चाहते हैं तो परिक्रमा मार्ग पर हर थोड़ी-थोड़ी दूर पर कई गौ माताएं रहती है साथ ही उनके पास कोई ना कोई व्यक्ति हरी घास की चारा छोटे-छोटे टोकरी में लेकर बेचते रहते हैं यह ज्यादा महंगी नहीं होती है पर टोकरी आपको 10 से ₹20 का मिल सकता है एवं बड़ी टोकरी ₹50 का मिल सकता है आप चाहे तो उनसे चारा खरीद कर पास में खरे गौ माता को वह चारा खिला सकते हैं इसका आपको बहुत बड़ा पुण्य मिलेगा आप चाहे तो रास्ते में कई सारी गौशालाएं होती है जहां पर आप कुछ धन इत्यादि का दान कर सकते हैं
परिकर्मा करते समय दान पुण्य कैसे करे
: वृंदावन की परिक्रमा लगाने से पहले आप चाहे तो कुछ पैसों की खुदरा करवा कर रख सकते हैं₹10 की नोट या 1 2 5 रुपए का सिक्का भी आप करवा के पास में रखें एवं परिक्रमा लगाते समय कई ऐसे लोग होते हैं जो शारीरिक रूप से कमजोर एवं विकलांग होते हैं आप उन्हें कुछ ना कुछ रुपया देकर उनकी मदद जरूर करें इससे आपको बहुत फल मिलेगा आप चाहे तो उनके लिए पास में बिस्किट एवं कुछ फल भी रख सकते हैं जैसे कि कुछ सब आप अपने साथ में लेकर रख सकते हैं एवं जरूरतमंद को एक-एक सेब या फिर कुछ रुपया देतेचले
: परिक्रमा शुरू करते समय एवं खत्म करते समय ध्यान देने योग्यबातें
परिक्रमा शुरू करते समय आप परिक्रमा मार्ग पर खड़े होकर बिहारी जी एवं राधा रानी से प्रार्थना करें तथा यह परिक्रमा आप ध्यान पूर्वक एवं नियम वध रहकर नाम जप करते हुए पूर्ण करें परिक्रमा शुरू करते समय से पहले आप सर्वप्रथम कम से कम तीन बार परिक्रमा मार्ग पर दंडवत जरूर करें उसके बाद परिक्रमा खत्म होने के बाद पुनः आप तीन बार दंडवत प्रणाम करके एवं आपसे जाने एवं अनजाने में हुई कोई भी गलती के लिए क्षमा मांग ले
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