निधिवन वृन्दावन में रात्रि में रुकना क्यों मना है। जहां आज भी रात्रि में ठाकुर जी रास करते है जबरन रुकने वालो के साथ क्या हुआ जाने रहस्मई बाते
निधिवन वृन्दावन जो की के मूल धरोहर में से एक है जहां पर रात्रि में रुकना असंभव है
कहा जाता है कि निधिवन में जितने भी पेड़ हैं सब गोपियों के स्वरूप है रात्रि में सभी गोपिया बनाकर श्री कृष्ण के साथ आज भी रस करते हैं इसलिए निधन में आप रात्रि में अंदर नहीं रख सकते हैं

निधिवन में रात्रि में रुक जाने वालों के साथ क्या हुआ है क्यों रुकने की आदेश नहीं दी जाती है
यूं तो निधिवन मंदिर क्षेत्र में अब रात होने पे किसी को भी बिल्कुल रुकने दिया नहीं जाएगा लेकिन कहा जाता है कि आज से बहुत वर्ष पहले जब कई लोग चोरी चुपके या जबरन रात्रि में अंदर रुक गए थे यह देखने के लिए की रात्रि में निधिवन वृन्दावन में क्या-क्या होता है तो लोगों का मानना है कि जो भी रात में चुपके से रुक गए वह सुबह उस तेज को बर्दाश्त नहीं कर पाए एवं वह वहां से लौट नहीं है पाए इसलिए रात में नहीं रुक पाएंगे
: निधिवन वृन्दावन कैसे पहुंचे निधिवन पहुंचने का सही तरीका
निधिवन वृन्दावन पहुंचने के दो रास्ते हैं आइए आपको दोनों के बारे में विस्तार से बताते हो। पहले यदि आप परिक्रमा मार्ग की तरफ से यमुना जी की तरफ से आ रहे हैं तो बिहारी जी मंदिर से आगे बढ़ने पर kc घाट से 100 मीटर पहले चीर घाट या गोविंद घाट बोलते हैं वहां से आप दाहिने की तरफ मुड़ जाए वहां से महज 100 से 150 मीटर आगे बढ़ने पर आपको निधिवन का गेट दिखाई देगा
दूसरा रास्ता यदि आप निधिवन बाजार के तरफ से आ रहे हैं तो आप विद्यापीठ चौराहा से ऑटो ले सकते हैं जिसका किराया ₹10 प्रति सवारी रहता है जो कि आपको 10 से 15 मिनट में निधि वन के पास पहुंच देगा
निधिवन वृन्दावन खुलने अवं प्रवेश बंद होने की समय
निधिवन वृन्दावन मंदिर में सुबह 6:00 बजे से प्रवेश शुरू होती है एवं शाम के 7:00 बजे तक दर्शन होती है विद्वान मंदिर में दर्शन करने में आपको 15 से 20 मिनट तक का समय लगेगा
बांके बिहारी जी मंदिर में जो ठाकुर जी की प्रतिमा कि दर्शन होती है वो निधिवन वृन्दावन में ही प्रकट हुई थी
: जब श्री हरिदास महाप्रभु वृंदावन धाम में निधिवन में बैठकर कठोर भजन एवं साधना कर रहे थे तो उनके भजन के ताप से निधिवन में थी ठाकुर जी प्रकट हुए जो कि बाद में गोस्वामी जी ने विशेष पूजा अर्चना के लिए उन्हें मंदिर में स्थापित किया जो कि आज बांके बिहारी जी के नाम से जाने जाते हैं जब आप निधिवन में दर्शन करने जाते हैं तो सबसे पहले वहां पर स्थित पहली मंदिर जहाँ आपको लाइन लगना पड़ता है वह स्थान ठाकुर जी बांके बिहारी जी की प्रकट स्थान है
जाव आप निधिवन वृन्दावन में दर्शन करने के लिए जाते हैं तब आप देखते होंगे की सबसे पहले मंदिर में जहां स्वरूप के पीछे से लाइन लगकर आप आगे बढ़ते हैं एवं वहां पर नीचे स्थित चरण चिन्ह पर माता टेक कर लोग आगे बढ़ते हैं वही स्थान पर श्री हरिदास महाप्रभु ने बिहारी जी को प्रकट किए थे इसलिए यह स्थान बहुत ही पवित्र स्थान माना गया है
जब आप में दर्शन करने जाए तो शुरू से लास्ट तक इन बातों का ध्यान रखे
जब आप निधिवन मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं तो सर्वप्रथम आप अपना जूता चप्पल वहां स्थित जूता घरों में रख दे एवं वहां से अपना टोकन जरूर ले निधिवन में जाने के लिए किसी भी प्रकार की कोई भी टिकट या कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है गेट नंबर 1 से प्रवेश करने के बाद आप दोनों तरफ दर्शन करते हुए आगे बढ़ते जाएं एवं दर्शन मार्ग पर पेड़ की डाल को बस छूकर प्रणाम करें उन पर किसी भी प्रकार की दवाब ना डालें या फिर उन्हें नष्ट करने का प्रयास न करें
जब आप आगे बढ़ते हैं तब सर्वप्रथम आपको बिहारी जी की प्रकट स्थल मिलेगी वहां पर दर्शन करें एवं वहां से आगे बढ़ाने के बाद आपको बंसी चोरी का स्वरूप दिखेगा कहा जाता है कि वहां पर राधा रानी ने ठाकुर जी की बंसी चुराई थी वहां पर दर्शन कर कर टीका जरूर लगवाएं एवं वहां से आगे बढ़ाने के बाद आप मनोकामना मंदिर के दर्शन करें एवं अंत में
स्वामी श्री हरिदास महाप्रभु जी की समाधि स्थल की दर्शन निधिवन में कैसे करे

जब आप निधिवन क्षेत्र में दर्शन करके बाहर निकल रहे होते हैं तो सबसे अंत में जो मंदिर आती है वह श्री हरिदास महाप्रभु की समाधि स्थल है यहां पर आप रुक कर आप दंडवत प्रणाम जरूर करें
निधिवन मंदिर क्षेत्र में आप बंदरों की सेवा जरूर करें मंदिर प्रवेश करने से पहले आप कम से कम कुछ चना बिस्किट या फिर केला अपने पास रख ले एवं जब आप दर्शन मार्ग पर आगे बढ़े तो आपको दोनों तरफ बंदर दिखाई देंगे उन्हें आप चना बिस्किट की सेवा करे एवं उन्हें परेशान ना करे
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निधिवन मंदिर से सटे हुए और भी दर्शन करने कीजगह क्या-क्या है आईए जानते हैं
जब अपने जीवन मंदिर से बाहर निकलते हैं तो निधिवन मंदिर से मात्र 200 मीटर की दूरी पर राधा रमन मंदिर है आप राधा रमन मंदिर की दर्शन करें तत्पश्चात वहां से महज 300 मीटर की दूरी पर kc घाट है जहां पर जाकर आप यमुना जी की दर्शन करें यहां आप शाम में यमुना आरती की भी दर्शन कर सकते हैं
निधिवन से राधा रमन मंदिर कैसे जाएं
- निधिवन के एग्जिट गेट से बाहर निकालने के बाद आप दाएंक तरफ मात्र डेढ़ सौ मीटर आगे बढ़े वहां पर आपको राधा रमन मंदिर की गेट दिखाई दगी वहां से थोड़ी दूर आगे आने पर आप बाएं हाथ की तरफ मुड़ने से आप राधा रमन मंदिर के प्रांगण में पहुंच जएंगे
निधिवन वृन्दावन में स्थित कुंड की क्या रहस्यमय कहानी है

निधिवन में दर्शन मार्ग पर स्थित कुंड की दर्शन जरूर करें कहा जाता है कि जब रस के समय गोपियों को पियास लगा था तब ठाकुर जी ने अपनी बंसी से जमीन पर बंसी पटकने से वहां कुंड उत्पन्न हुआ जिससे सभी गोपियों ने पानी पिया वही कुंड की दर्शन आपको निधिवन में दर्शन मार्ग पर होगी इसलिए कुंड की दर्शन जरूर करें
निधिवन कि संपूर्ण यात्रा गाइड के लिए गाइड कैसे बुक किया जाता है
जब आप निधिवन की दर्शन करने जाते हैं तो आपको निधिवन के गेट पर एवं प्रांगण मैं ही कई गाइड मिल जएंगे जो कि आपसे मात्र 100 या ₹200 में आपको पूरी निधिवन घुमाएंगे एवं न निधि वन से जड़ी सभी रहस्यमई जानकारी आपको देंगे
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