केली कुंज में चरण पादुका प्रसाद अभी हो रही है आज नवंबर 2026 का best अपडेट

जी हां प्रिय बंधु आज हम आपको केली कुंज पर अभी वर्तमान में चल रही  चरण पादुका प्रसाद सेवाओं के बारे में बताएंगे जिस पर आप सभी का ज्यादातर प्रश्न रहता है कि केली कुंज पर अभी चरण पादुका की प्रसाद हो रही है या नहीं तो आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अभी नवंबर 2026 में चरण पादुका की प्रसाद हो रही है

 

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क्या होता है चरण पादुका प्रसाद आज इसके बारे में जानेंगे

यदि आपको चरण पादुका प्रसाद के बारे में नहीं पता है तो आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं चरण पादुका प्रसाद का मतलब होता है कि आप अपने गुरुदेव के चरण से स्पर्श किया हुआ लकड़ी की या कीसी धातु की बनी चरण पादुका  उनके चरण से स्पर्श कराकर आप अपने घर में उन्हें रखते हैं और उन्हें गुरुदेव की चरण समझ कर पूजा करते हैं उसे ही चरण  पादुका का प्रसाद करना कहते हैं

केली कुंज से चरण पादुका प्रसाद कौन कौन करा सकते हैं

चरण पादुका

केली कुंज में चरण पादुका प्रसाद सभी लोगों के लिए नहीं होता है यह चरण पादुका प्रसाद सिर्फ और सिर्फ पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा लिए हुए जो उनके शिष्य है सिर्फ वही करवा सकते हैं उन्हें ही चरण पादुका प्रसाद करके दिया जाएगा चरण पादुका प्रसाद मतलब की महाराज जी के चरण से छुआ हुआ पादुका

चरण पादुका प्रसाद कराने के लिये पादुका कहां से खरीदें

चरण पादुका प्रसाद करने के लिए आप केली कुंज के बाहर स्थित दुकान से भी लकड़ी की बनी चरण पादुका खरीद सकते हैं वैसे यदि आप उच्चतम कोटि के चरण पादुका प्रसाद कराना चाहते हैं तो लकड़ी की शुद्धता के लिए आप शंकर कंठी वाला के दुकान से चरण पादुका खरीदें वहां पर आपको हर प्रकार की चरण पादुका मिलेगी जैसे की आम की बनी हुई कदम की बनी हुई और भी अलग-अलग प्रकार की लकड़ी की बनी हुई चरण पादुका आपको मिल जाएगी

शंकर कंठी माला वाले का दुकान वृंदावन में कहां पर है वहां कैसे पहुंचे

शंकर कंठी माला वाले भाई साहब का दुकान वृंदावन के विद्यापीठ चौराहा के पास स्थित है यह शंकर कंठी माला वाला भाई का दुकान बृजवासी रेस्टोरेंट के ठीक सामने एक लकड़ी की बनी छोटी सी कटघर वाली दुकान में है और यह विद्यापीठ चौराहा पर से मात्र 20 से 30 मीटर की दूरी पर है

जब आप विद्यापीठ चौराहा से इस्कॉन की तरफ बढ़ेंगे तो महज 20 मीटर यानी की 2 से 3 दुकान छोड़कर दाहिने हाथ पर एक गली दिखाई देगी उसी गली के कोने पर एक लकड़ी की कटघरे में कंठी माला की दुकान दिखाई देंगे इसके बाहर  एक बोर्ड लगी रहती है जिस पर शंकर कंठी वाला  लिखा रहता है आप वहां पर जाकर उनसे सभी प्रकार की चरणपादुका दिखाने को बोले  और जो आपको विशेष पसंद आए वह चरणपादुका आप लेकर महाराज जी से प्रसाद करने के लिए अपने पास में रख ले

चरण पादुका खरीदने के बाद केली कुंज पर कहां देना होता है और फिर वापस कहां से मिलेगा

अभी चरणपादुका प्रसाद करने का सबसे अच्छा मौका है क्योंकि अभी ज्यादा भीड़ नहीं होने की वजह से आपके चरणपादुका प्रसाद करने में ज्यादा इंतजार करना नहीं पड़ेगा और नहीं ज्यादा भीड़ का सामना करना पड़ेगा आप सुबह 7:00 चरण पादुका खरीद कर केलि कुंज के काउंटर पर जमा कर दे

उसके अगले दिन आपको चरणपादुका प्रसाद होकर वापस इसी काउंटर पर से मिल जाएगी एवं चरणपादुका को घर पर ले जाने के बाद किस प्रकार की पूजा और अभिषेक करना है यह आपको वहीं पर स्थित सेवादार एक-एक करके समझा देंगे

महाराज जी के शिष्य चरण पादुका अपने घर पर लाने के बाद उत्सव मनाते हैं

महाराज जी के शिष्य जब अपने गुरुदेव पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज की चरणपादुका अपने घर लाते हैं तो  वह यह मानते हैं कि अब उनके घर साक्षात श्री महाराज जी इस रूप में आए हैं क्योंकि वह चरणपादुका में महाराज जी की चरण स्पर्श हुईं रहती है तो जब वह चरण पादुका की विशेष पूजा और अभिषेक सेवादार के द्वारा बताए गए तरीके से करते हैं

उसके बाद वह सब परिवार मिलकर बहुत देर तक कीर्तन भजन करते हैं उसके बाद वह अपने घर पर भंडारा प्रसाद का विशेष आयोजन करते हैं और अपने आसपास स्थित सभी हरिवंशी और सभी वैष्णव जनों को इस खास मौके पर अपने घर बुलाते हैं

चरण पादुका की घर पर पूजा होने के बाद नित्य रोज की क्या नियम रहती है

चरण पादुका

जब आप चरणपादुका प्रसाद कराके अपने घर ले आते हैं और अपने घर पर आप उनकी विशेष अभिषेक करके और भंडारा का आयोजन करने के बाद अब आपको नित्य रोज उनकी विशेष पूजा करना होता है जैसे की आप चरणपादुका को अपने पूजा वाले स्थान पर एक पीला या लाल वस्त्र में लपेटकर रखें और  जब आप पूजा करें तब उन्हें अभिषेक और चंदन लगाकर आरती करें और आप चरणपादुका को स्पर्श करते समय यह समझे कि आप साक्षात श्री पूज्य प्रेमानंद जी महाराज को प्रणाम कर रहे हैं .

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यदि आप  कोई और गुरुदेव से दीक्षित है तो आप अपने गुरुदेव की चरणपादुका का प्रसाद जरूर कराए

अपने गुरुदेव की चरण से चरणपादुका छुआ कर और उनसे आज्ञा लेकर अपने घर जरूर ले जाए और जिस दिन आप घर ले जाए आप भी उसका अभिषेक करके उस पर चंदन लगाकर कीर्तन भजन बैठकर करें और जितना संभव हो पाए आप साधु संत और वैष्णव का भंडारा करें और बाकी नित्य रोज आप अपने गुरु की चरणपादुका की पूजा अर्चना किया करें

गुरुदेव भगवान की चरना अमृत कैसे ले और उन्हे ग्रहण कैसे करे

गुरुदेव भगवान की चरना अमृत मतलब की आपकी भाग्य की उदय करने वाली घूंट आप जब भी अपने गुरुदेव के पास जाएं तो आप वहाँ से गुरुदेव भगवान की चरना अमृत लेना न भूलें। आप चरना अमृत की बूंद घर पे यमुना जल या गंगा जल की बोतले में कुछ मिला ले

और आप जब स्नान करे तब उसमें कुछ बूंद डाले और आप नित्य रोज यह अभ्यास करें कि आप सुबह उठने के बाद सबसे पहले आपके मुँह में चरण अमृत की कुछ बूंद जाएं और रात्रि में सोते समय आप चरण अमृत का कुछ बूंद पी कर है सोये इससे है आपका जीवन धन्य हो जायेगा

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