प्रेमानंद जी महाराज अब कहां रहते हैं ?वृंदावन से बेलवन जाने का तरीका क्या है ? best 2026 yes

बेलवन

बेलवन इतिहास में पहले से ही बहुत प्रसिद्ध ग्राम है कहा जाता है कि यहां पर माता लक्ष्मी आज भी साक्षात विराजमान है महाराज जी के आश्रम जाने का रास्ता लक्ष्मी माता मंदिर के आगे से ही है महाराज जी के चाहने वाले लाखों शिष्य आज भी उनके पुराने आश्रम पर पहुंचते हैं और उसके बाद उन्हें सही जानकारी नहीं होने की वजह से बेलवन जाने में कई कठिनाइयां होती है और कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ता है कई लोगों का कहना है कि उन्हें सही जानकारी नहीं होने की वजह से कई सारी रिक्शा वाले उनसे ज्यादा पैसे की मांग कर देते हैं

केली कुंज से ऑफिशल आदेश दीक्षा और दर्शन से सम्बंधित 

केली कुंज से ऑफिशल आदेश है कि अभी बेलवन में किसी भी प्रकार का कोई भी दर्शन और एकांतिक नहीं हो रहा है तथा सभी श्रद्धालुओं से आश्रम की तरफ से बेवजह बेलवन जाने का लिए मना किया जाता रहा है फिर भी कई सारे भक्त महाराज जी के की दर्शन के लिए बेलवान पहुंच जाते हैं


बेलवान जाने के लिए अगर आप अपनी गाड़ी से आए हैं तो आप मानसरोवर वाले रास्ते से मार्ट जाने की तरफ आगे बढ़ने पर मार्ट वाला तन से बाय लेने पर बलबन पहुंच सकते हैं अगर आप बाइक से जाना चाहते हैं तो कई सारे बाइक टैक्सी वाले लोकल लड़के जो आपको बेलवंत पहुंचने के लिए डेढ़ सौ से ₹200 की मांग करते हैं और वही कई शेयरिंग टैक्सी भी जाती है जिसका किराया प्रति आदमी ₹100 होता है मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया बेलवान जाने से पहले केली कुंज के इंक्वारी काउंटर पर वहां होने वाले दर्शन और एकांकी की सही जानकारी ले ले अन्यथा आप बेवजह परेशान हो जाएंगे


जाने बेलवन के आसपास की प्रसिद्ध घूमने की जगह और वहां तक पहुंचाने के तरीके


अगर आप बेलवन जा रहे हैं तो आप वहां के आसपास के कई और सारे तीर्थ स्थान के दर्शन कर सकते हैं जो कि वहां से बिल्कुल पास पास है बेलवान जाते समय सर्वप्रथम आप रास्ते में मानसरोवर की दर्शन कर सकते हैं जो की ब्रज की एक बहुत ही प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है कहा जाता है कि

मानसरोवर कुंड का जल राधा रानी के आंसुओं से बना हुआ है आप आप बिल बन जाते समय यहां रुक कर दर्शन कर सकते हैं और अगर संभव हो तो यहां स्नान जरूर करें आप चाहे तो आप वहां से लौटते समय भी मानसरोवर में रख कर स्नान कर सकते हैं दर्शन कर सकते हैं

Braj and its significance – Why called Braj?


बेलवन में दर्शन के बाद आप बेलवन में स्थित लक्ष्मी माता मंदिर की दर्शन जरूर किया करें उसके बाद आप वहां से 3 किलोमीटर दूर बंसी बूट और भंडार 1 नामक जगह पर जरूर जाए लोगों का मान्यता है कि भांडेर वन में श्री कृष्णा और माता राधा रानी का विवाह हुआ था यहां जा वहां पहुंचकर आपको बहुत ही सुंदर दृश्य देखने को मिलेगा यहां आप चाहे तो पैर के नीचे आधे 1 घंटे बैठ सकते हैं यहां दर्शन करने के बाद आप चाहे तो मधुकरी भी पा सकते हैं

h: भांडेर वन से निकलने के बाद आप वही सटे हुए पास के वंशी बट जरूर जाए यहां पर आज भी पैर की टहनियों से महाराष्ट्र की ध्वनि सुनाई देती है और बंसी वट में आज भी आपको कई सारे सिद्ध संत गुफाओं में जंगलों में रहते हैं


: जाने कैसे आप उन संतों का दर्शन कर सकते हैं बंसी बट में


: सर्वप्रथम बंसी भट्ट में दर्शन करने के पश्चात आप थोड़ी देर वहां बैठकर कीर्तन कर सकते हैं उसके बाद बंसी भट्ट मंदिर से बाहर निकालने के साथ बाएं हाथ पर जंगल की तरफ रास्ता जाता है उसे रास्ते में आप आगे जमाने पर कई सरे संतों की दर्शन कर सकते हैं कई सारे सिद्ध संत इस जंगल में अपनी कुटिया बनाकर एकांतवास करते हैं आपसे अनुरोध है कि आप वहां पर शोर  ना मचाए

प्रेमानंद जी महाराज की दीक्षा उपस्थिति बेलवन या केलि कुञ्ज 

प्रेमानंद जी महाराज से यदि आप दीक्षा लेना चाह रहे हैं या फिर अपने दीक्षा की उपस्थिति लगा दी है तो आपको जानकारी के लिए बता दे रहे हैं कि महाराज श्री की दीक्षा से संबधित सभी प्रकार के कार्य वृंदावन स्थित केली कुंज से ही हती है बेलवन  में किसी भी प्रकार की दीक्षा की उपस्थिति नहीं लगती है बेलवन  में सिर्फ फाइनल दीक्षा दी जाती है

 दीक्षा की सभी उपस्थित पूर्ण होने के बाद जब आप महाराज जी से दीक्षा के लिए पूर्णता योग्य हो जाते हैं तब आपको फाइनल दीक्षा की आज्ञा  मिलती है


 फाइनल दीक्षा में जाने के दिन का क्या है नियम


 फाइनल दीक्षा से एक-दो दिन पहले आपको केलि कुंज आना होगा और फाइनल दीक्षा से पहले आपके पेरेंट्स से अनुमति पत्र पर साइन करवाना होता है तो फाइनल दीक्षा की जब आपको फोन आए तब आप को परिवार के किसी एक सदस्य के साथ आना होता है जब आपकी दीक्षा की सारी नियम पूर्ण हो जाते हैं तब आपको फाइनल दीक्षा के लिए केली कुंज से ही यमुना विहार कुंज ले जाया जाता है

इसके लिए फाइनल दीक्षा वाले दिन से एक दिन पहले रात में आप 1:00 तक केलि कुंज  पहुंच जाए केलि  कुंज पर से नित्य रोज 2:00 बजे जमुना विहार कुंज के लिए संस्था की तरफ से बस जाती है जिससे आपको यमुना विहार कुंज में ले जाया जाएगा यमुना विहार कुंज पहुंचने के बाद आपको वहां आगे के नियम के अनुसार कार्य करने होंगे उसके बाद पूज्य श्री महाराज जी आपको सामने से दीक्षा  मंत्र देंगे


: फाइनल दीक्षा से पहले कुछ चीज जो आपको करने होते हैं


 फाइनल दीक्षा से एक दिन पहले आपको यमुना जी का स्नान करना अनिवार्य है यमुना जी का स्नान करने के बाद कुछ मंत्र जाप एवं कुछ और भी नियम उसे दिन जो आपको बताएंगे उसे करके ही रात में आप वृंदावन से यमुना विहार कुंज के लिए बस में जाएंगे

 

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