गोपेश्वर महादेव मंदिर वृन्दावन खुलने का समय क्या है इतिहास जानिए unique बाते

प्रिय दोस्तों राधे राधे गोपेश्वर महादेव मंदिर सुबह 5 बजे से दिन के 12 बजे एवं शाम के 4.30 से रात्रि के 9 बजे तक खुली रहती है आइये मंदिर के बारे में विस्तार से जानते है

गोपेश्वर महादेव मंदिर

गोपेश्वर महादेव मंदिर की इतिहास के बारे में संत जानो क्या कहते है जानते है

संत जनों का कहना है कि जब बंसी बट पर श्री कृष्ण जी महाराज का आयोजन कर रहे थे उसे समय में आप कल्पना कर सकते हैं कि महारास  की ध्वनि कितनी ज्यादा सुहावना एवं आकर्षक होगा जब महाराष्ट्र की ध्वनि चारों तरफ गंजी तो चारों तरफ सभी जीव जंतु वह ध्वनि सुनकर अति प्रसन्न हो रहे थे एवं महारास की तरफ दौर चल जा रहे थे पशु पक्षी सभी महाराज की ध्वनि सुनकर मोहित हो गए थे एवं सभी महारास की तरफ बढ़ते चले जा रहे थे

महारास की ध्वनि इतनी में ज्यादा मधुर थी कि वह ध्वनि बढ़ाते बढ़ाते कैलाश पर्वत पर पहुंची जहां पर साक्षात महादेव प्रभु की साधना में लीन थे प्रभु की साधना करते समय उनके कानों में यह धोनी बार-बार पहुंच रही थी जो उन्हें बहुत ही ज्यादा आकर्षित कर रही थी इससे उनका ध्यान बार-बार ध्वनि की तरफ जा रही थी जिससे उनका साधना भंग हो रहा था

आप कल्पना कर सकते हैं कि जब हम और आप कभी भगवान की साधना में होते हैं या प्रभु की ध्यान में मग्न रहते हैं तो हम आप बाहर से आने वाले कई प्रकार के संगीतों आवाजों को अनसुना कर देते हैं एवं ध्यान में लगे रहते हैं तो आप कल्पना कर सकते हैं कि जब साक्षात महादेव ध्यान में लीन हो तो उनका ध्यान भंग करने के लिए किस प्रकार की ध्वनि की क्षमता होगी महारास की ध्वनि इतनी ज्यादा मधुर एवं मनमोहन था कि वह ध्वनि सुनकर महादेव से और रहा नहीं गया

महादेव ध्यान भांग करके फिर उत्साहित हो गए

और महादेव तभी अपने ध्यान से उठकर खड़े हो गए एवं अंतर ध्यान होकर पता लगाना शुरू किया कि आखिर यह धोनी ए कहां से रही है तब महादेव को यह बोध हुआ कि यह ध्वनि वृंदावन के बंसी वट पर हो रहे महारास से आ रही है जहां पर साक्षात् नारायण विराजमान है। महादेव तुरंत उठकर खड़े हुए एवं वृंदावन के लिए निकल पड़े साथ में माता पार्वती भी चल दिए थे

चलते-चलते जब महादेव वृंदावन के बंसी भट्ट पर चल रहे रस महारास के गेट पर पहुंचे तो गेट पर स्थित पहरेदार ललित जी एवं विशाखा जी जोकि राधा रानी की अष्ट सखियों में से सबसे प्रिय दो सखी थी उनका कार्य था कि महारास में अंदर जाने की आज्ञा सिर्फ स्त्री शरीर को ही दें क्योंकि महारास में पुरुष शरीर का जाना माना था

वृन्दावन के टॉप 5 मंदिर 

गोपेश्वर महादेव मंदिर

जब वहां पर माता पार्वती एवं महादेव पहुंचे तो माता पार्वती को महाराष्ट्र में आसानी से प्रवेश मिल गया एवं महादेव को वहां अंदर जाने से मना कर दिया गया तब महादेव ने गेट पर स्थित ललिता जीवन विशाखा जी से विनम्र प्रार्थना किया कि उनसे अब रहा नहीं जा रहा है उन्हें नारायण की दर्शन एवं महारास का आनंद लेने के लिए अंदर जाने की आज्ञा दी जाए

ललित जी एवं विशाखा जी ने उन्हें आजा ना होने की वजह से मन कर दिए एवं महादेव की विशेष आग्रह पर ललित जी ने महादेव से कहा कि आपके पास एक ही रास्ता बचा हुआ है यदि आप पास में यमुना जी में जाकर यमुना जी से प्रार्थना करें कि वह अपना स्त्री सिंगार आपको दे दे तो आप महारास में जा सकते हैं महादेव तुरंत यमुना जी के पास पहुंचे एवं यमुना जी में तीन डुबकी लगाई तो फिर यमुना महारानी साक्षात प्रकट हुई एवं महादेव को हाथ जोड़कर प्रणाम करते हुए बोली की है महादेव आप साक्षात हमारे पास विराजमान है कहे हम आपकी क्या सेवा करें

महादेव को श्रृंगार यमुना महारानी ने दिया

तभी महादेव ने यमुना महारानी से विनती किया कि उन्हें वह अपना स्त्री सिंगार दे दे जिससे कि महादेव को महारास में जाने की आज्ञा मिल जाए यमुना महारानी तुरंत अपना पूरा सिंगार महादेव को दे दिए तथा महादेव स्त्री सिंगार करके महारास में आसानी से प्रवेश हो गए जब महादेव महारास का आनंद लेते हुए आगे की तरफ बढ़े और जब महादेव श्री कृष्ण को देखें और एवं श्री कृष्ण महादेव को देखें

 

देखते ही श्री कृष्णा बहुत जोर से मुस्कुराए क्योंकि वह महादेव को जो की भस्म एवं चल लपेटे रहते थे उनको पहली बार स्त्री स्वरूप में देखें देखकर ठाकुर जी बहुत मुस्कुराए एवं मुस्कुराते हुए महादेव की तरफ बोलने लगे आई हे गोपेश्वरी आई आपका स्वागत है एवं उनको अपने बराबर वाले स्थान पर ले जाकर बैठे तभी से वृंदावन में स्थित महादेव की मंदिर को गोपेश्वर महादेव कहा जाता है

आप वृंदावन आए हैं तो गोपेश्वर महादेव मंदिर जाना ना भूले गोपेश्वर महादेव मंदिर जाने के लिए आपको निधिवन या फिर राधा रमन मंदिर आना होगा राधा रमन मंदिर एवं निध्वन मंदिर से गोपेश्वर महादेव मंदिर की दूरी बहुत कम है आप गोपेश्वर महादेव की पूजा जरूरकरें

गोपेश्वर महादेव मदिर timing खुलने और बंद होने का समय

गोपेश्वर महादेव मदिर प्रतिदिन गर्मियों के मौसममे सुबह क 5:00 खुलता है एवं गोपेश्वर महादेव मंदिर की प्रातः काल की आरती दर्शन यदि आप करना चाहते हैं तो गोपेश्वर महादेव मंदिर प्रातः काल की आरती सुबह 7:30 पर होती है एवं दिन के 12:00 बजे मंदिर पुणे बंद होजती है । पुनः दोबारा मंदिर शामक 4: 30 पर फिर से खुलता है एवं दर्शन शुरू होती है एवं यदि आप गोपेश्वर महादेव किस रात्रि आरती देखना चाहते हैं तो आरती रात के 7:30 पर शुरू होती है आप चाहेत शामिल हो सकती है । एक बात का ध्यान रखें की मंदिर रात को 9:00 बजे फिर से बंद हो जाती है

गोपेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने की विधि

गोपेश्वर महादेव मंदिर म जब आप पूजा करने जाते है तो मंदिर प्रांगण के बाहर आपको चढ़ाने के लिए फूलों की टोकरी मिल जाएगी जिस्म की अलग-अलग प्रकार की पहले होती है एवं महादेव की प्रिया चीज बेल पत्र एवं भांग धतूरा भी वही टोकरी में मिलेगी यह टोकरी आपको₹50 तक मिलेगी तथा फूल लेने के बाद आप चाहे तो मंदिर में चढ़ाने के लए दूध एवं यमुना जल भी ले सकते हैं यह आपको मंदिर के बाहर ही आसानी से मिल जएगी

गोपेश्वर महादेव  मैं दर्शन के बाद आप वहां पर पास में ही स्थित वंशीवट जरूर दर्शन करने जाए यदि आपके पास समय हो तो आप गोपेश्वर महादेव मंदिर से निकलने के बाद पास में ही टटिया स्थान है वहां जाना ना भूले

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