प्रिय दोस्तों अगर आप वृंदावन के सभी मंदिर की दर्शन करना चाहते है और बस आपके पास एक या दो दिन का ही समय है तो हम आपको सही जानकारी देते हैं कि कैसे आप एक या दो दिन में वृंदावन की पुरी मंदिर सही तरीके से कर सकते हैं.

पहली दिन की स्टेप बाई स्टेप रूटिंग वृंदावन के सभी मंदिर दर्शन की
: पहला दिन आप सुबह सवेरे 7:00 तक उठकर तैयार हो जाए एवं आप अपने होटल से कोई भी रिश्ता ले ले या अगर पैदल की दूरी हो तो आप पैदल सर्वप्रथम बिहारी जी 8:00 बजे तक पहुंचने का प्रयास करें जब आप सुबह 8:00 बजे बिहारी जी मंदिर पहुंच जाते हैं तो बिहारी जी की सर्वप्रथम सुबह की पहली आरती 8:30 में होती है एवं 830 से दर्शन शुरू हो जाती है तो आप सर्वप्रथम बिहारी जी की दर्शन करें
अगर बिहारी जी मंदिर में आपको बहुत लंबी लाइन दिख रही हो तो यदि संभव हो तो आप गेट नंबर 5 से अंदर जाने का प्रयास करें कुछ भी आई पी एंट्री होने की वजह से या फिर कभी-कभी बहुत ज्यादा भीड़ होने की वजह से आपको गेट नंबर पांच पर हो सकता है तो कुछ सेवा शुल्क देना पड़ सकता है यदि आप इन सेवा शुल्क से बचना चाहते हैं तो आप बिहारी जी गेट नंबर एक या दो से अंदर जाए
बिहारी जी मंदिर में बिहारी जी की दर्शन करने के बाद आप वहां से निकलकर बाहर किसी भी दुकान वाले से राधा वल्लभ मंदिर जाने की रास्ता पूछ ले बिहारी जी मंदिर से राधा वल्लभ मंदिर की दूरी मात्र 200 मीटर है आप इन मंदिर में जाते समय एक बात का विशेष ध्यान रखें यदि संभव हो तो आप अपना जूता चप्पल अपने होटल में ही छोड़ कर जावे क्योंकि बिहारी जी मंदिर में आप जिस गेट से एंट्री करते हैं आपकी एग्जिट उसे गेट से नहीं भी हो सकती है और यदि आप वृंदावन पहली बार आए हैं तो आपको फिर अपना जूता चप्पल ढूंढना एक बहुत ही बड़ी-बड़ी समस्या का कारण होगा
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अतः आप हर संभव प्रयास करें कि अपनी जूता चप्पल होटल में ही छोड़ कर जाए आप यदि बिहारी जी की दर्शन कर लिए तो आप वहां से निकलने के बाद राधा वल्लभ मंदिर 9:30 बजे तक जरूर पहुंच जाएंगे
राधा वल्लभ मंदिर में पहुंचने के बाद आप आसानी से राधा वल्लभ जो का दर्शन कर सकते हैं दर्शन करने के लिए आप सर्वप्रथम सामने से राधा बल्लभजी की दर्शन करें तत्पश्चात आप वहां पर सीढ़ी से उपर चढकर पास से भी राधा बल्लभ जु की दर्शन कर सकते हैं दर्शन करके आप वहां से चरना अमृत लेकर मंदिर से बाहर आ जाए यहां तक आपको दिन के 11:00 तक दर्शन हो जाएगी इसके आगे का
: राधा बल्लभजी में दर्शन करने के बाद आप वहां से ई रिक्शा ले ले जो की ₹10 सवारी लेते हैं वह आपको राधा रमन मंदिर पर छोड़ देंगे राधा रमन मंदिर पहुंचने से पहले आप वहां गोविंद घाट एवं kc घाट के पास यमुना जी का दर्शन जरूर करें एवं यमुना जल जरूर पिले यमुना जी की दर्शन करने के बाद आप राधा रमन मंदिर वहां से पैदल जाए राधा रमन मंदिर में थोड़ी सी भीड़ का सामना करना पड़ सकता है

आपको क्योंकि मंदिर के अंदर का प्रांगण में कम जगह होने की वजह से एवं भीड़ कभी-कभी रुक जाने के वजह से वहां आपको थोड़ा समय लग सकता है आप वहां पर दर्शन करने के बाद वहां से बाहर निकाल कर आप चाहे तो आप वहां पर कुछ नाश्ता कर सकते हैं राधा रमन मंदिर से बाहर निकालने के बाद कई सारी नाश्ता की दुकान वहां पर स्थित है
: राधा रमन मंदिर से निकलने के बाद राधा रमन मंदिर से जस्ट सटे हुए निधिवन मंदिर में आप जरूर जाए निध्वन मंदिर का बंद होने का समय शाम के 7:00 बजे तक रहता है इसलिए आप वहां पर रिलैक्स होकर आराम से धीरे-धीरे पूरी निधिवन का दर्शन करें पूरी निधिवन का दर्शन करने में आपको 15 से 20 मिनट तक का समय लग सकता है
: निधिवन में दर्शन करने के बाद आपकी समय तब तक दिन के 12 से एक बच चुके होंगे आप निधिवन में दर्शन करने के बाद वहां से अपने होटल के लिए सीधे रिक्शा या रैपीडो बुक करें एवं आप अपना दिन का भजन अपने होटल के आसपास या आपके रास्ते में जहां सही लगे वहां कर ले फिर उसके बाद आप होटल पहुंचकर दो से तीन घंटे आराम कर ले
: आपको पुनः अपने दर्शन यात्रा दोपहर के तीन से चार बजे शुरू करनी है
आप प्रयास करें कि आप 4:00 बजे तक होटल से निकल जाए एवं आप वहां से रिक्शा वाले को केली कुंज या फिर इस्कॉन टेंपल छोड़ देने के लिए बोले आप केलि कुंज पर दर्शन करके उसके बाद इस्कॉन मंदिर चले जाए इस्कॉन मंदिर में शाम के टाइम में आपको अद्भुत ही नजारा देखने को मिलेगा एवं अद्भुत कीर्तन का दर्शन होगा आप वहां पर टाइम निकाल कर एक से दो घंटा जरूर रुक एवं कीर्तन और कीर्तन पर चल रहे नृत्य का आनंद ले
आप इस्कॉन मंदिर से 6:00 बजे तक बाहर निकल जाए तत्पश्चात आप इस्कॉन मंदिर के बाहर बहुत ही सुंदर स्वादिष्ट नाश्ता कर सकते हैं वहां कई छोटे-छोटे दुकान ठेले पर आपको बहुत ही सुंदर-सुंदर नाश्ता मिल सकता है आप आराम से वहां नाश करे और थोड़ी दूर पैदल चलके वृंदावन का आनंद ले आप 7:00 बजे तक वहां से 200 मीटर दूर पर प्रेम मंदिर स्थित है प्रेम मंदिर पहुंच जाए

: प्रेम मंदिर पहुंचने के बाद आपको हो सकता है तो एंट्री के समय थोड़ा सा लाइन में लगना पड़ सकता है प्रेम मंदिर क्षेत्रफल की दृष्टि से वृंदावन का बहुत ही बड़ा मंदिरों में से एक है एवं प्रेम मंदिर अपनी सुंदरता के लिए भी जाना जाता है प्रेम मंदिर में दर्शन करने के लिए सबसे उत्तम समय शाम के 7:00 से लेकर 9:00 तक है इस समय में आपको कई सारे जगमग लाइट एवं डिजिटल फाउंटेन देखने को मिलेगा
आप 7:00 तक प्रेम मंदिर जरूर पहुंच जाए कुछ देर लाइन में लगने के बाद आप मंदिर प्रांगण में प्रवेश कर जाएंगे और आप यहां पर चाहे तो आधा एक घंटा में पूरा मंदिर आराम से घूम एवं 8:00 बजे तक प्रयास करें मंदिर से बाहर निकल जाएँ मंदिर से बाहर निकालने के बाद यदि आप और घूमना चाहते हैं तो आप वहां से रिक्शा कर सकते हैं जो की ₹20 में आपको चार धाम पहुंचा देगी चार धाम प्रेम मंदिर से चार से पांच किलोमीटर दूर स्थित है
सड़क सुविधा बहुत अच्छी होने की वजह से आप वह 10 मिनट में पहुंच जाएंगे चार धाम पहुंचकर आप वहां पर आधा एक घंटा पूरे चार धाम के दर्शन करें चार धाम में आपको माता वैष्णो देवी मंदिर बजरंगबली मंदिर राधा कृष्ण मंदिर एवं शिव जी का मंदिर देखने का सौभाग्य मिलेगा 9:00 बजे तक आप चार धाम मंदिर दर्शन कर कर बाहर निकल जाए
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चार धाम से बाहर निकालने के बाद आप वहां से ऑटो लेकर अपने होटल के आसपास के चौक पहुंच जाए एवं आप वहां आराम से ढूंढ कर अच्छे खाना खा सकते हैं या फिर आप चाहे तो होटल वाले से रिक्वेस्ट करके अपना खाना होटल में भी मंगवा सकते हैं सभी होटल वालों के पास कोई ना कोई रेस्टोरेंट वाले का नंबर होता है जो कि आपको बहुत ही सुंदर खाना किफायती रैटों में 15 से 20 मिनट में आपके कमरे पर पहुंचा देते हैं
आप रात का खाना खाकर यदि आप टहलने के शौकीन हैं या फिर कुछ मीठा खाने का इच्छा रखते हैं तो आप वहां से अगर संभव हो तो प्रेम मंदिर के बाहर के इलाके पर कई सारे छोटे-छोटे धकेलो पर कई अनेक तरह की फास्ट फूड आइसक्रीम इन सब चीजों का आप लाभ ले सकते हैं या फिर आप आराम से रेस्ट कर सकते हैं क्योंकि फिर अगले दिन आपके पास यदि टाइम हो तो आप गोवर्धन और बरसाना की तैयारी करें
: यात्रा का दूसरा दिन कहां से शुरू करें और कहां कैसे-कैसे जाएं
: यात्रा का दूसरा दिन आप सुबह बहुत जल्दी उठने का प्रयास करें संभव हो तो आप चार से पांच बजे तक उठ जाए एवं स्नान ध्यान करके 6:00 तक होटल से निकल जाए सुबह 6:00 बजे आप अपने कमरे से प्रेम मंदिर के पास पहुंच जाए प्रेम मंदिर के आगे से कई सारे ऑटो वाले शेयरिंग टैक्सी वाले आपको वहां से गोवर्धन के लिए जाने को तैयार रहते हैं सर्वप्रथम आप वहां से गोवर्धन जाए गोवर्धन पहुंचकर आप वहां पर मंदिरों में ठाकुर जी की दर्शन करें एवं यदि आपके पास समय हो या फिर आप व गोवर्धन की परिक्रमा लगाना चाहते हो तो परिक्रमा भी लगा सकते हैं
उसमें आपको तीन से चार घंटे का समय लगेगा यदि आपके पास समय बहुत कम है तो आप परिक्रमा मार्ग पर कम से कम तीन बार दंडवत प्रणाम जरूर करें एवं आप वहां पर कुछ नाश्ता कर कर थोड़ी दूर घूमने के बाद एवं गोवर्धन पर्वत के पास बैठकर कुछ नाम जाप करने के बाद आप वहां से दोबारा ऑटो लेकर बरसाना के लिए निकल जाए
बरसाना पहुंचने के बाद आपको बरसाना मंदिर के लिए किसी से रास्ता पूछना होगा
मंदिर में आपको चढ़ने के लिए कुछ सीढिया चढ़ना पड़ सकता है ऊपर चढ़ने के बाद सर्वप्रथम आप लाडली जु की दर्शन करें एवं श्रीजी के दर्शन करें बरसाना में दर्शन करने के बाद आप वहां से मंदिर के प्रांगण में ही बाहर निकाल के ऊपर से पर्वतों का नजारा देख सकते हैं जो बहुत ही सुंदर दृश्य होता है कुछ देर वहां बैठकर आप नाम जाप करना ना भूले
: राधा रानी का दर्शन हो जाने के बाद आप सीढ़ी से वापस नीचे उतर सकते हैं या फिर आप चाहे तो रोप वे का आनंद भी ले सकते हैं रोपवे आपसे मात्र ₹50 पर प्रति सवारी लेती है आप रोप वे से नीचे आ सकते हैं रोप वे से नीचे आने के बाद आप वहां से रास मंडप रमेश बाबा का वहां जरूर जाकर दर्शन करें एवं वहीं पर स्थित गह्वर वन का दर्शन करें तत्पश्चात आप वहां से किसी से भी विनोद बाबा के आश्रम पीली पोखर पर पहुंचने का रास्ता पूछ कर वहां से चल जाए
विनोद बाबा के आश्रम पर आप दोपहर के 3:00 तक पहुंचाने का प्रयास करें क्योंकि विनोद बाबा का दर्शन दोपहर के 4:00 बजे कुछ ही समय के लिए होती है तो आप प्रयास करें कि 3:00 तक वहां पहुंचकर कुछ देर कीर्तन सत्संग में आप बैठे एवं कीर्तन का आनंद ले 4:00 बजे महाराज जी के बाहर आने का इंतजार करें और अद्भुत दर्शन प्राप्त करें महाराज जी के दर्शन करने के बाद आप वहां से वापस बाहर निकलकर रोड पर आ जाए एवं वहां से सीधे वृन्दावन के लिए ऑटो या शेयरिंग टैक्सी ले ले
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