कार्तिक मास में वृन्दावन में साधु संत क्या नियम करते है ? new 2026

कार्तिक मास में वृंदावन में किस प्रकार बनाई जाती है कार्तिक मास में दीपदान करने का बहुत बड़ा फल मिलता है

कार्तिक मास
कार्तिक मास मैं किया गया नियम तप  साधना एवं पूजा पाठ का दुगुना फल मिलता है कार्तिक मास में वृंदावन में बहुत ही साधु संतों एवं उनके नियम देखने को मिलेगा
वैसे  तो  भगवान की पूजा आराधना के लिए हर दिन शुभ ही होता है एवं हर मास शुभ ही माना जाता है लेकिन शास्त्रों के हिसाब से पूरे वर्ष में चार पवित्र मास है सावन भादो असिन एवं कार्तिक मास लेकिन इन चारों मासो  में से भी कार्तिक मास का विशेष महत्व है कार्तिक मास को साधु संतों की भाषा में दामोदर मास एवं वैष्णव मास् भी कहा जाता है

कार्तिक मास को लेकर साधु संतों की क्या राय एवं सुझाव है

कार्तिक मास में सभी साधु संत पूरे एक मास का कठोर नियम लेते हैं जैसे की ब्रज में रहने वाले जितने साधु संत है वह पूरी कार्तिक मास ब्रज से बाहर नहीं जाएंगे एवं ऐसे ही अयोध्या एवं और भी कई सारी तीर्थ स्थलों के संतो पूरे एक मास अपना स्थल एवं कुटिया छोड़कर कहीं नहीं जाते हैं एवं कठोर नियम का पालन करते हैं

: वृंदावन में साधु संत किस प्रकार कार्तिक मास मानते हैं

वृंदावन के साधु संत का कार्तिक मास में सबसे पहला नियम होता है सूर्य उदय से पहले यमुना जी में नित्य रोज पवित्र स्नान करना यमुना जी में स्नान करने के बाद ब्रज के सभी साधु संत वही यमुना जी के पास बैठकर यमुना अष्टकम का पाठ  दामोदर पथ एवं नाम जप एवं अपने-अपने गुरु मित्रों की जाप लंबे समय तक बैठकर यमुना जी पर करते हैं तत्पश्चात फिर अपने कुटिया पर स्थित ठाकुर जी की सेवा में लगे रहते हैं यहां के साधु संतों का मानना है कि कार्तिक मास में दीपदान करने का भी यज्ञ के समान पुण्य मिलता है

जब आप  कार्तिक मास में वृंदावन आए तो किन बातों का ध्यानरखें

यदि आप इस कार्तिक मास में वृंदावन आ रहे हैं तो यह आपका बहुत ही पवित्र निर्णय होगा क्योंकि इस समय आपको वृंदावन में कई ऐसे सिद्ध साधु संतों की परिक्रमा लगाते हुए दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा जो कि लंबे समय तक अपनी साधना में ली एवं गुप्त रहते हैं उनके दर्शन का भी आपको सौभाग्य प्राप्त होगा जब आप कार्तिक मास में वृंदावन आए तो आप जितना भी दिन वृंदावन में रहे उतना ही दिन आप प्रयास करें कि आप सूर्योदय से पहले उठकर जमुना जी में स्नान करें

कार्तिक मास  में यमुना जी में दिप दान जरूर करे

 

यकार्तिक मासमुना जी में दीपदान जरूर करें एवं रात्रि में आप वृंदावन की परिक्रमा लगाना ना भूले क्योंकि कार्तिक मास में वृंदावन की एक बार परिक्रमा लगाने पर कई गुना ज्यादा परिक्रमा लगाने की फल प्राप्ति होती है परिक्रमा लगाने के बाद यदि संभव हो तो आप साधु संतों को एवं जरूरतमंदों को कुछ भी दान पुण्य जरूर करें जैसे कि फल वस्त्र एवं कुछ धन जो संभव हो वह दान जरूर करें

कार्तिक मास में बहुत सारे श्रद्धालु वृंदावन में पूरे 1 मास  के लिए वास करने के लिए आते हैं जिसे कल्प वास भी कहा जाता है कल्प वास करने वाले सभी श्रद्धालुओं को वृंदावन में रहने के लिए कई सारे धर्मशाला एवं कई सारे आश्रम है जिनमें उन्हें निशुल्क रहने दिया जाता है

वृंदावन में कार्तिक  मास में कल्पवास करने के लिए रहने की व्यवस्था कैसे करें

: वृंदावन में यदि आप कल्प वास करने आ रहे हैं और आपके साथ दो या तीन व्यक्ति है तो सबसे सर्वोत्तम रहेगा कि आप यहां के लोकल एरिया में जाकर के मकान किराए पर 1 महीने के लिए ले सकते हैं 1 बीएचके फ्लैट या फिर अच्छा कैमरा आप उनसे एक महीने के लिए बोलकर ले सकते हैं इसका फायदा यह है कि आप अपना भोजन प्रसाद अपने हिसाब से बनाकर पा सकते हैं एवं जरूर की सभी चीज भी जैसे कि राशन का सामान सब्जी इत्यादि हर छोटे-छोटे जगह पर मिल जाएगी

: यदि आप वृंदावन में कल्पवास कर रहे हैं या वस्  के लिए आने वाले हैं तो आप रहने के लिए इन सब जगह में कैमरा देखें जैसे की सुन रख में एवं कालिदास के पास एवं पानी घाट तक आप रहने के लिए ढूंढ सकते हैं इसका फायदा यह है कि इन सब जगह से आपको यमुना जी की दूरी बहुत कम रहेगी ताकि रोज सुबह-सुबह आपको यमुना जी पहुंचने में कोई परेशानी ना होगी इसलिए आप जब भी परिक्रमा लगाना चाहेंगे तो उसमें भी आपको ज्यादा कठिनाई नहीं होगी क्योंकि यह सब इलाका परिक्रमा मार्ग पर ही है

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जब आप कल्पवास करने आए तो आप एक प्रकार की सेवा यह जरूर करें जब आप अपने लिए प्रसाद बनाते हैं तो आप कोशिश करें की प्रसाद की मात्रा थोड़ी ज्यादा में हो ताकि आप ठाकुर जी की भोग लगाने के बाद एवं खुद प्रसाद पाने के बाद आप बाकी प्रसाद  को कम से कम 5 से 10 आदमी के लिए पैकेट में पैक कर ले एवं परिक्रमा मार्ग पर आ जाए परिक्रमा मार्ग पर आने के बाद आपको कई जरूरतमंद दिखाई देंगे

कार्तिक मास

या फिर कुछ बुजुर्ग साधु संत भी परिक्रमा मार्ग पर कीर्तन करते हुए दिखाई दे सकते हैं तो आप इन सबों को भाव एवं श्रद्धा के साथ प्रसाद जरूर पे इसे आपको कई गुना ज्यादा पूर्ण की प्राप्ति होगी या फिर आप चाहे तो वृंदावन की मंडी से सस्ती फल आपको मिल जाएगी आप वहां से से एवं अकेला थोक में ला सकते हैं जो कि आप सुबह-सुबह ठाकुर जी की भोग लगाने के बाद कुछ फल एवं कला अपने बोले में रखकर परिक्रमा मार्ग पर विस्तृत कर सकते हैं

यदि आप कार्तिक मास में किसी तीर्थ स्थान  जाने में समर्थ ना है तो आप अपने घर पर भी पूरी नियम निष्ठा से कार्तिक मास के लिए कठोर नियम ले आप एक चीज जरूर करें कि आप अपने घर पर यमुना जल जरूर रखें एवं आप घर पर भी पूरी मास सुबह सूर्योदय से पहले उठकर और नहाने वाले पानी में कुछ बून्द  यमुना जल का डालकर अपना स्नान जरूर करें एवं नित्य नाम जप एवं ठाकुर जी के सामने अखंड दीप जलाने का प्रयास करें और आप अपने घर पर भी ठाकुर जी का भोग लगाने के बाद प्रसाद स्वरूप में विस्तृत करें

यदि आप असमर्थ है तो आप नहाते समय यमुना जल डालकर ना है एवं यमुना अष्टकम का पाठ अवं दामोदर पथ जरूर करें इससे आपको यमुना स्नान का फल मिलेगा

: आप जब वृंदावन आए तो कार्तिक मास में राधा दामोदर मंदिर की दर्शन जरूर करें राधा दामोदर मंदिर में चार परिक्रमा अवश्य लगे यहां की चार परिक्रमा लगाने पर गोवर्धन की परिक्रमा का पुण्य मिलता है क्योंकि इस मंदिर के अंदर ठाकुर जी की चरण की चिन्ह उबरी हुई गोवर्धन की शिला है जो की ठाकुर जी ने महा  प्रभु जी को दिया था

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