: शरद पूर्णिमा जी हां दोस्तों शरद पूर्णिमा हम सभी सनातनियों के लिए पूरे वर्ष में एक विशेष दिन है आज के दिन आप प्रयास करें कि वृंदावन जरूर आए शरद पूर्णिमा को इसलिए बेहद खास माना गया है कि कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन ही ठाकुर जी ने वृंदावन के बंसी वट पर महारास का आनंद दिया था तब से शरद पूर्णिमा सभी भक्तों के लिए बेहद ही खास तरीके से मनाया जाने लगा है शरद पूर्णिमा पर कई भक्त व्रत में भी रहते हैं शरद पूर्णिमा पर परत रहने का बहुत बड़ा फल की प्राप्ति होती है

शरद पूर्णिमा पर हमें किस प्रकार की सेवा करनी चाहिए
शरद पूर्णिमा के दिन आप व्रत में रहे एवं आज के दिन आप किसी निर्धन लाचार व्यक्ति को हर संभव मदद करने का प्रयास करें एवं पशु पक्षी को भी खाने की व्यवस्था जरूर करें शरद पूर्णिमा के दिन दान करने का बहुत बड़ा फल मिलता है एवं पुण्य की प्राप्ति होती है इसलिए आप आप शरद पूर्णिमा के दिन व्रत रहकर साधु संतों की सेवा दान पुण्य एवं पशु पक्षियों की सेवा करना नाभूले
शरद पूर्णिमा के दिन क्या नियम रखें
शरद पूर्णिमा के दिन आप सुबह-सुबह स्नान करके ठाकुर जी की विशेष सेवा में लग जाए आज के दिन आप अपने मंदिर को पूरी अच्छी तरह से साफ करके एवं मंदिर के सभी आसान को बदले तथा ठाकुर जी को नए वस्त्र पितांबरी जरूर पहनाए एवं उसके बाद ठाकुर जी को दूध की मेवा का जरूर भोग लगे दूध की मेवा का मतलब दूध को आप तब तक उबले जब तक कि वह गाड़ी होकर कलर ना उसका चेंज हो जाए और उसमें कुछ केसर डालकर ठाकुर जी को जरूर भोग लगे
शरद पूर्णिमा पर मूल रूप से ठाकुर जी राधा रानी एवं माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है एवं आराधना की जाती है आज के दिन माता लक्ष्मी की पूजा कैसे की जाए लिए आपको इसके बारे में विस्तार से बतातेहैं
यह भी पढ़े :- वृन्दावन में रास लीला
: शरद पूर्णिमा मूल रूप से लक्ष्मी जी की पूजा के लिए भी विशेष माना गया है कहा जाता है कि आज के दिन लक्ष्मी माता को खीर का भोग लगाया जाता है एवं आज के रात लोग चंद्रमा को खीर का भोग रात्रि में अपने घर घर के बाहर रखकर चंद्रमा की किरण उसे खीर पर पढ़ने के लिए रखते हैं कहा जाता है कि चंद्रमा की किरण पढ़ने से कई सारी औषधीय गुण प्रकृति हो जाते हैं आज के दिन लोग चंद्रकला की भोग जरूर लगते हैं

शरद पूर्णिमा पर वृंदावन में आपको प्राय हर अलग-अलग मंदिरों में एवं अलग-अलग जगह पर महारास का आयोजन देखने को मिल सकता है आज के दिन पूरी वृंदावन में आपको इतना अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा क्योंकि आज के दिन सभी मंदिरों में ठाकुर जी को पीतांबरी वस्त्र धारण कराया जाता है जिससे वह और भी आज आकर्षित एवं मनमोहक हो जाते हैं आज के दिन पूरी वृंदावन में जगह-जगह पर रस के साथ-साथ कई प्रकार के भंडारा का भी आयोजन होते रहता है
: हरिवंशी के लिए शरद पूर्णिमा क्यों है खास।। हरिवंश महाप्रभु आज के दिन ही स्वस्थ शरीर इस धरा धाम से निकुंज के लिए गण हुए थे
आज के दिन सभी हरिवंशियों के लिए बहुत ही विशेष माना जाता है क्योंकि आज के दिन कि हमारे हरिवंश महाप्रभु जो की राधा वल्लभ संप्रदाय के अनुयाई है आपको पता ही होगा कि हमारे पूजनीय महाराज जी श्री प्रेमानंद जी महाराज भी हरिवंश संप्रदाय से ही है इसलिए उनके सभी शिष्यों को हरिवंशी की उपाधि मिलती है
आज के दिन सभी हरिवंशियों के लिए बेहद ही स्पेशल दिन है क्योंकि हमारे श्री हित हरिवंश महाप्रभु आज के ही दिन श्री वृंदावन धाम में अपनी लीला समाप्त कर एवं वृंदावन के मानसरोवर कुंड पर स्थित राधा रानी मंदिर में से सा शरीर निकुंज के लिए प्रस्थान हुए इसलिए आज आपको हरिवंशियों के लिए यह दिन बेहद अलग तरीकों से पूजा पाठ ध्यान साधना में रहते हैं
प्रेमानंद जी महराज के गुरु कौन है
शरद पूर्णिमा पर रात्रि में जागरण एवं महारास का आयोजन जरूर होता है
: आज शरद पूर्णिमा के दिन रात्रि जागरण जरूर करना चाहिए एवं रात्रि में ठाकुर जी का भोग लगाकर कीर्तन एवं नाम जाप करते हुए बितानी चाहिए रात्रि जागरण के बाद अगले दिन सुबह में स्नान करके लक्ष्मी जी को खीर का भोग लगे आज के रात्रि में यदि आप वृंदावन धाम में है तो रात्रि जागरण के लिए वृंदावन में चल रहे अलग-अलग स्थान पर महारास का दर्शन करने आप जरूर जाए
: शरद पूर्णिमा को कोजगरा क्यों कहा गया है आईए जानते हैं
जैसा कि आपको मैंने पहले भी बताया है कि आज की रात्रि में जागरण का बहुत महत्व है इसलिए संतों की भाषा में कहा जाता है कि कोजगरा का मतलब होता है कौन जाग रहा है
: कोजागरा मिथिला में कैसे मनाया जाता है शरद पूर्णिमा के दिन
: बिहार के मिथिला में सीता माता की जन्मस्थली में को झगड़ा एक विशेष प्रकार से मनाया जाता है मिथिला में एक रीती रिवाज होता है कि जिनके घर नई-नई शादियां होती है उनके यहां मायके से उनके मायके वाले दूल्हे पक्ष के घर के लिए मखाना एवं बताशा और पैन ढेर सारी मात्रा में लेकर जाते हैं दूल्हे पक्ष के घर पर को झगड़ा के दिन लक्ष्मी माता का पूजा करने के बाद उनके पूरे गांव वाले को निमंत्रित किया जाता है
एवं उन्हें प्रसाद स्वरूप ढेर सारी मखाना बताशा एवं पैन दिया जाता है वहां के लोगों का मानना है कि को झगड़ा के दिन बेटी के ससुराल में मखाना और बताशा पहुंचने से बेटी के घरों में लक्ष्मी जी प्रसन्न रहती है एवं बहुत सारे धन की प्राप्ति होती है
शरद पूर्णिमा के दिन ें बातो का विशेष ध्यान रखे
- आज के दिन आप सभी नियम पूर्वक स्नान ध्यान करके नाम जाप जरूर करे
- आज के दिन आप साधु संतो की सेवा वस्त्र दान जरूर करे
- आज के दिन रात्रि में जकीर्तन सत्संग करते हुए पुरे रात्रि जागरण करे
- आज के दिन माता लक्ष्मी एवं ठाकुर जी की खीर अवं चन्द्रकला की भोग जरूर लगाए
- आप अपने मंदिरो में ठाकुर जी को नए पीताम्बरी वस्त्र जरूर पहनाये